Pawan Jury BhilwaraRj
लोकसभा सांसद साधारण बहुमत से प्रस्ताव पास करके सुप्रीम कोर्ट जजों को शामिल करते हुए देश के किसी भी व्यक्ति को सीधे जेल में डाल सकते है। और देश की किसी भी अदालत में इस फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती।
.
मिसाल के लिए -- दिसम्बर 1978 में लोकसभा सासंदों ने एक प्रस्ताव पास करके देवी इंदिरा गाँधी की संसद सदस्यता कुछ दिनों के लिए रद्द कर दी थी एवं उन्हें जेल में डाल दिया था। प्रस्ताव साधारण बहुमत से पास किया गया था, और प्रस्ताव के स्वीकृत हो जाने पर देवी इंदिरा गाँधी को जेल भेज दिया गया। बाद में भारी जन विरोध के चलते उन्हें रिहा करना पड़ा।
.
न्यूज़ लिंक -- <https://goo.gl/TpQcey>
.
सुप्रीम कोर्ट के जज लोकसभा द्वारा दिए गए ऐसे कारावास को रद्द नहीं कर सकते। क्योंकि , सुप्रीम कोर्ट जज सिर्फ लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ही रद्द कर सकते है , संसद के फैसलों को नहीं। इसके अलावा लोकसभा सांसद प्रस्ताव लाकर सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को जेल में डाल सकते है। इस वजह से भी संसद द्वारा पास किये गए ऐसे प्रस्ताव में सुप्रीम कोर्ट के जज अड़ंगा नहीं लगाएंगे। और फिर भी यदि वे अड़ंगा लगाते है, तो पीएम सेना को उन्हें जेल में डालने के लिए कह सकते है। सेना सुप्रीम कोर्ट जजो के क्षेत्राधिकार से बाहर है , एवं अदालत सेना के मामलो में सिर्फ तब सुनवाई कर सकती है , जब सेना इसके लिए अनुमति दे।
.
===========
.
जब नरेश अग्रवाल ने श्री राम, सीता जी एवं हनुमान जी का संसद में मजाक उड़ाया तो संघ के सांसद लोकसभा में प्रस्ताव पास करके नरेश अग्रवाल को जेल में डाल सकते थे। लेकिन संघ के सांसदों ने ऐसा नहीं किया।
.
उल्लेखनीय है कि, संसद परिसर न्यायलयो के क्षेत्राधिकार से बाहर है , अत: अदालत नरेश अग्रवाल को जेल नहीं भेज सकती थी। किन्तु संघ के सांसदों के पास लोकसभा में बहुमत था एवं वे नरेश अग्रवाल को जेल भेज सकते थे। लेकिन संघ के सांसदों ने ऐसी कोई भी कार्यवाही करने से इनकार कर दिया था। लोकसभा में प्रस्ताव लाकर नरेश अग्रवाल को आज भी जेल भेजा जा सकता है, किन्तु संघ के सांसद आज भी इनकार कर रहे है।
.
समाधान - सांसदों पर ज्यूरी ट्रायल। यदि संसद में सांसद कोई अपराध करते है तो देश की मतदाता सूचियों से 1500 नागरिको का चयन कर जूरी बुलाई जानी चाहिए। यह ज्यूरी मामले की सुनवाई करेगी एवं आरोप साबित होने पर सांसदों को जेल भेज सकेगी।
.
==========