> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2017-10-06

Pawan Jury BhilwaraRj

एक और तमाशा -- संघ के नेता और गोवा के सीएम पर्रीकर का कहना है कि, वे E-Way बिल का विरोध करेंगे !!! और जीएसटी में E-Way सिस्टम संघ के नेता स्वयं मोदी साहेब के आदेश से संघ के नेता अरुण जेटली ने ही लागू किया है !!!
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मतलब, संघ का एक नेता किसी सिस्टम का समर्थन करता है, और दूसरा नेता इसका विरोध करता है !!!
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कहने की जरुरत नहीं है कि, पर्रीकर ढोंग कर रहे है। क्योंकि वे जानते है कि E-Way बिल के बिना जीएसटी का पूरा ढांचा ही चरमरा जाएगा !!! यदि E-Way बिल में छूट दे दी गयी तो कारोबारी बिना बिल की सप्लाई चेन बना लेंगे जिससे जीएसटी संग्रहण में भारी कमी आएगी।
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और यदि E-Way बिल को जारी रखा गया तो छोटे / मझौले उत्पादको को भारी नुक्सान होगा और वे बाजार से बाहर हो जायेंगे !! इधर कुआँ खोदने के बाद उन्होंने उधर खाई भी खोद के रखी है !!
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यदि कोई विक्रेता 50 हजार से अधिक का सामान एक जगह से दूसरी जगह भेजना चाहता है और यदि बीच की दूरी 10 किमी ( हाँ, सिर्फ 10 किलोमीटर ! ) से अधिक है तो मोदी साहेब के "बेहद सरल और यूजर फ्रेंडी" जीएसटी में प्रावधान है कि आपको सामान भेजने से पहले E-Way बिल जनरेट करना होगा !!!
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तो यदि कोई मिठाई विक्रेता मुंबई जैसे शहर में 600 रू प्रति किलो की 100 किलो मिठाई एक जगह से दूसरी जगह भेजना चाहता है और यदि यह दूरी 11 किमी है तो उसे पहले इसकी सूचना सरकार को देनी होगी !! यह सूचना नेट पर दी जायेगी !! और यदि नेट डाउन है या सरकार ने किसी प्रदर्शन , दंगे आदि के कारण नेट बंद किया हुआ है तो आपको नेटवर्क आने तक इंतिजार करना होगा !!!
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और यदि E-Way बिल में भरे गए विवरण में त्रुटी है तो आपको जुर्माने का सामना करना होगा !! कितना जुर्माना ? यह त्रुटी, सामान, राशि आदि पर निर्भर करता है। इस जुर्माने की गणना खगोलिय गणनाओ से कम पेचीदा नहीं है !! उदाहरण के लिए यदि कोई कारोबारी कपडे एवं मिठाई दोनों का व्यापार करता है , और यदि उसने गलती से मिठाई की जगह कपडे की एंट्री कर दी या E-Way बिल में अन्य किसी प्रकार की त्रुटी कर दी तो उसकी सप्ताह भर की आय जुर्माने की भेंट चढ़ जायेगी !!
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बेहद सरल, बेहद अच्छे एवं बेहद दोस्ताना टेक्स सिस्टम में आपका स्वागत है !!!
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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