Pawan Jury BhilwaraRj
क्या संघ प्रमुख मोहन भागवत अब बांग्लादेशी घुसपेठियो को "शरणार्थी" साबित करने की कोशिस कर रहे है !!!
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उल्लेखनीय है कि शरणार्थी सरकार की इजाजत से आते है और पंजीकृत होते है। जबकि घुसपेठिये देश की सीमा में चुपचाप अवैध रूप से घुसते है। भारत में 3 करोड़ बांग्लादेशी "घुसपेठिये" है। वे शरणार्थी नहीं है। रोहिंग्या शरणार्थी है, और इनकी संख्या 40 हजार है। इस तरह घुसपेठिये भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। संघ के नेता पिछले 25 सालो से बंगलादेशी घुसपेठियो को "घुसपेठिये" ही संबोधित करते आये है , और इन्हें भारत से खदेड़ना इनका मुख्य मुद्दा रहा है। सत्ता में आने के बाद मेरी जानकारी में यह पहली बार है जब संघ के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से घुसपेठियो को "शरणार्थी" कह के पुकारा है !!!
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मोदी साहेब बांग्लादेशी घुस्पेठियो को खदेड़ने का क़ानून बनाने से साफ़ इनकार कर चुके है। अब संघ ने भी इस मुद्दे को दफ़न कर दिया है। मैं लगातार यह बात कहता आया हूँ कि संघ=बीजेपी मतलब गंगाधर ही शक्तिमान है, और बीजेपी के सभी फैसले संघ द्वारा ही किये जाते है और संघ के कार्यकर्ता इन फैसलों को अपनी शाखाओं में अनुमोदित करते है। किन्तु संघ के कार्यकर्ता लगातार यह झूठ बोलते है कि गंगाधर शक्तिमान नहीं है, और संघ का बीजेपी से कोई लेना देना नहीं है।
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साफ़ नजर आ रहा है कि 40 हजार रोहिंग्यो के चिल्लर मुद्दे को उठाकर संघ 3 करोड़ बंगलादेशी घुसपेठियो के गंभीर मुद्दे को किनारे कर देना चाहता है।
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