Pawan Jury BhilwaraRj
पहले सरकारी संस्थाओ को बदतर बनाओ और उन सभी कानूनों को लागू करने से इनकार करो जिससे इनमे सुधार आये। फिर इनकी बदहाल हालत का हवाला देकर इन्हें निजी हाथों में "बेच" दो, और इसे पीपीपी मॉडल, विनेवेश, निजीकरण आदि का नाम दे दो । रेल, बस , पॉवर , माइनिंग , शिक्षा, चिकित्सा आदि सभी क्षेत्र घूस खाकर निजी कम्पनियों को बेचे जा रहे है। क्लीन करप्शन !!! कोई आरोप नहीं , कोई सबूत नहीं !!!
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<http://epaper.bhaskar.com/detail/1285542/93032824234/0/map/tabs-1/09-30-2017/18/1/image/> ( 30 sep 2017 , udaipur bhaskar , page 5 )
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