Pawan Jury BhilwaraRj
नोटबंदी भयंकर रूप से कामयाब रही -- सच्ची !!!
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भारत के कुछ 5 शीर्ष "राष्ट्रवादी" (*) नेताओं ने इस क़वायद से लगभग 50,000 से 1000,000 करोड़ रुपया कमाया !!!
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कैसे ?
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कुछ 10,00,000 करोड़ रुपए को वैध तरीक़े से बदला गया और लगभग 400,000 करोड़ रुपया बैंक अधिकारियों और राष्ट्रवादी नेताओं ने बाले बाले बदल दिया !! इसके लिए इन्होंने 30% के आस पास दलाली खाई । 30% की इस दलाली में से कुछ 5% बैंक अधिकारियों एवं राष्ट्रवादी "कार्यकर्ताओं के हाथ लगा और शेष 25% हमारे राष्ट्रवादी नेताओं की जेब में गया !!
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तो इस लिहाज़ से कहना चाहिए कि नोटबंदी इन राष्ट्रवादी नेताओं के लिए बेहद मुनाफ़ा देने वाली रही !
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और देश ? जिन्हें देश की ज़्यादा परवाह है वे अपने देश के साथ चाहे तो भाड़ में जा सकते है !! राष्ट्रवादियों को इससे कोई दिक़्क़त नही है !!
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कहना पड़ेगा कि -- हमारे राष्ट्रवादी नेताओं की जमात, "सेकुलर" नेताओं से ज़्यादा क़ाबिल है । सेकुलर नेता भी ये कांड करके इससे ज़्यादा रुपया कमाने को लालायित थे । लेकिन हिम्मत नही जुटा पाए !! शायद उनमे देश के नाम पर लोगों को पिस जाने के लिए तैयार कर देने का हुनर नही था ! वे कोयलो पर ही हाथ मारते रहे, और इसके एवज़ में सत्ता भी गँवाई ।
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बहरहाल - हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा !
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(* - मैं किसी पार्टी का नाम लेकर व्यक्तिगत आरोप नही लगाना चाहता । इस बारे में आप अनुमान लगा सकते है कि नोटबंदी के समय बेंको पर किन राष्ट्रवादियों का नियंत्रण था )
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